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Parimarjan Kya Hai Bihar Me? (2026) – Full Guide + Apply Process | बिहार परिमार्जन क्या है और आवेदन की पूरी प्रक्रिया

लेखक: राजस्व विशेषज्ञ टीम | प्रकाशित: June 22, 2026 | पढ़ने का समय: 8 min read

बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा ज़मीन के ऑनलाइन रिकॉर्ड्स को अद्यतन (अपडेट) करने के लिए "परिमार्जन" (Parimarjan Portal)की व्यवस्था की गई है। अगर आपकी जमाबंदी डिजिटल तो हो गई है, लेकिन उसमें कोई त्रुटि (गलती) है, जैसे कि आपका नाम गलत है, खाता या खेसरा नंबर गायब है, या फिर जमीन का रकबा (Area) शून्य दिख रहा है, तो इन सभी कमियों को सुधारने का एकमात्र आधिकारिक ज़रिया परिमार्जन पोर्टल है।

वर्ष 2026 में सरकार ने इसे और अधिक पारदर्शी एवं कारगर बनाने के लिए "परिमार्जन प्लस" (Parimarjan Plus)का शुभारंभ किया है। अब रैयत स्वयं अपने पंजीकृत प्रोफाइल से लॉगिन करके डिजिटल प्रविष्टियों में सुधार के लिए सीधे आवेदन भेज सकते हैं।

इस समग्र गाइड में हम विस्तार से जानेंगे कि Parimarjan Kya Hai Bihar Me (बिहार में परिमार्जन क्या है), इसके तहत कौन-कौन से सुधार किए जा सकते हैं, इसके लिए कौन-से दस्तावेज़ आवश्यक हैं, और ऑनलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रिया क्या है।

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1. बिहार परिमार्जन पोर्टल क्या है? (What is Bihar Parimarjan?)

आसान शब्दों में समझाएं तो, जब बिहार सरकार ने जमीन के पुराने कागजी रजिस्टरों (Register-II) का डिजिटलीकरण (कंप्यूटरीकरण) किया, तो अंचल कार्यालय के डेटा एंट्री ऑपरेटरों से बहुत सारी गलतियाँ हो गईं। कंप्यूटर पर कुछ लोगों की जमीन का रकबा शून्य (0) हो गया, किसी का नाम बदल गया, तो किसी का खाता या खेसरा नंबर पूरी तरह गायब हो गया।

इन्हीं त्रुटियों को ऑनलाइन सुधारने के लिए अंचल कार्यालय (Block/Circle Office) की दौड़ लगाए बिना घर बैठे आवेदन स्वीकार करने वाले डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म को परिमार्जन पोर्टलकहा जाता है।

महत्वपूर्ण बात: परिमार्जन का मुख्य उद्देश्य आपकी जमाबंदी के रिकॉर्ड्स को बिल्कुल वैसा ही शुद्ध करना है जैसा कि आपके पास मौजूद मूल दस्तावेज़ों (जैसे — आपका केवाला, बासगीत परचा, या सरकार द्वारा निर्गत पुरानी रसीद) में दर्ज है। यह कोई नया मालिकाना हक तय नहीं करता, बल्कि केवल रिकॉर्ड्स को सही करता है।

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2. परिमार्जन और परिमार्जन प्लस में क्या अंतर है? (Parimarjan vs Parimarjan Plus)

राजस्व विभाग ने 2026 में अपनी सेवा को अपग्रेड किया है: 1. पुराना परिमार्जन (Legacy Parimarjan):इसमें बिना किसी लॉगिन आईडी के कोई भी व्यक्ति सीधे पीडीएफ फाइल बनाकर शिकायत दर्ज कर देता था। इसका कोई निश्चित समयबद्ध निवारण (SLA) नहीं था और अक्सर आवेदन काफी दिनों तक लंबित रहते थे। 2. परिमार्जन प्लस (Parimarjan Plus 2026):इसके अंतर्गत आवेदक को अपनी पहचान मोबाइल नंबर और ओटीपी के जरिए सत्यापित करके एक "नागरिक लॉगिन" (Citizen Login Profile) बनाना होता है। आपकी अर्जी का एक निश्चित समय-सीमा (30 कार्य दिवस) तय है। अंचल अधिकारी (CO) या राजस्व कर्मचारी को एक निश्चित अवधि में इसपर फैसला लेना होता है, और आवेदक डैशबोर्ड पर लाइव स्टेटस देख सकता है।

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3. परिमार्जन के तहत कौन-कौन से सुधार संभव हैं? (Types of Rectification Allowed)

परिमार्जन पोर्टल पर आप मुख्य रूप से निम्नलिखित समस्याओं का सुधार करवा सकते हैं: - रैयत के नाम में सुधार:यदि जमीन मालिक के नाम की स्पेलिंग (हिज्जे) या पिता/पति के नाम में कोई अशुद्धि हो। - खाता, खेसरा, एवं चौहद्दी में प्रविष्टि:यदि जमाबंदी पंजी में आपकी जमीन का खाता या खेसरा नंबर गलत फीड हो गया हो या दर्ज ही न हो। - भूमि के रकबा (Area) में सुधार:यदि वास्तविक जमीन 1 एकड़ है और ऑनलाइन सिर्फ 10 डिसमिल या शून्य (0) डिसमिल दिख रही हो। - लगान (Lagaan/Tax) संबंधी अशुद्धि:यदि बकाया लगान गलत तरीके से दिखाया जा रहा हो या लगान की अद्यतन दर गलत फीड हो। - छूटी हुई जमाबंदी का डिजिटलीकरण:यदि आपकी जमाबंदी रजिस्टर-2 में तो है, लेकिन इंटरनेट पर बिल्कुल भी नहीं दिख रही है।

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4. परिमार्जन हेतु आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)

चूँकि सुधार केवल प्रमाण के आधार पर ही किया जाता है, इसलिए आवेदन के समय निम्नलिखित दस्तावेजों को स्व-अभिप्रमाणित (सत्यापित हस्ताक्षर) करके एक सिंगल PDF फाइल (साइज़ 2MB से कम) में अपलोड करना आवश्यक है: 1. स्व-घोषणा पत्र (Self-Declaration Form):यह परिमार्जन पोर्टल पर मिलने वाला एक निर्दिष्ट प्रारूप (Form) है, जिसमें आवेदक को जमीन का पूरा ब्योरा भरकर हस्ताक्षर करने होते हैं। 2. जमीन का साक्ष्य (Land Ownership Proof):पंजीकृत केवाला (Deed Copy), खतियान (Khatian), या फिर भू-अर्जन परचा। 3. पुरानी लगान रसीद (Previous Land Receipts):वह रसीद जिसमें लगान का विवरण और रकबा बिल्कुल स्पष्ट एवं सही अंकित हो। 4. न्यायालय का आदेश (यदि लागू हो):यदि भूमि विवाद से संबंधित कोई आदेश भूमि सुधार उपसमाहर्ता (DCLR) या सक्षम न्यायालय द्वारा प्राप्त हुआ हो।

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5. परिमार्जन प्लस ऑनलाइन आवेदन की चरण-दर-चरण प्रक्रिया (How to Apply Online)

बिहार में ऑनलाइन सुधार का आवेदन देने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें:

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चरण 1: आधिकारिक पोर्टल पर लॉगिन करें

- सबसे पहले biharbhumi.bihar.gov.inपर जाएं। - मुखपृष्ठ पर दिख रहे "परिमार्जन प्लस" (Parimarjan Plus)के लिंक पर क्लिक करें। - यदि आप पहली बार आ रहे हैं, तो अपना मोबाइल नंबर डालें और ओटीपी (OTP) के जरिए नागरिक प्रोफाइल (Citizen Registration) बनाएं।

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चरण 2: नया परिमार्जन आवेदन विकल्प चुनें

- लॉगिन होने के बाद डैशबोर्ड पर "नया सुधार आवेदन दर्ज करें" (File New Application)पर क्लिक करें। - अपनी जमीन का जिला, अंचल, हल्का (पंचायत), और मौजा (गाँव) का चयन करें।

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चरण 3: जमाबंदी का चयन करें

- अब दिए गए खोज मानदंडों (जैसे खाता संख्या या रैयत का नाम) द्वारा अपनी गलत जमाबंदी को खोजें और उसे चुनें।

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चरण 4: सुधार की श्रेणी चुनें (Select Rectification Category)

- आपके सामने ड्रॉप-डाउन मेनू आएगा जिसमें आपको चुनना होगा कि आप क्या सुधारना चाहते हैं। उदाहरण के लिए: "रकबा एवं खाता खेसरा में सुधार" (Correction in Area/Plot details)। - गलतियों का विवरण संक्षेप में टाइप करें।

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चरण 5: आवश्यक दस्तावेज पीडीएफ (PDF Document) अपलोड करें

- निर्धारित फॉर्मेट में भरे हुए स्व-घोषणा पत्र, केवाला और रसीदों को स्कैन करके एक पीडीएफ फाइल तैयार करें। - "Choose File"पर क्लिक कर उस PDF को अपलोड कर दें।

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चरण 6: अंतिम रूप से सबमिट करें और रसीद प्राप्त करें

- सभी विवरणों को एक बार जाँच लें और फिर "Submit"बटन दबाएं। - सबमिशन पूरा होने पर आपको एक आवेदन संख्या (Query/Application ID)मिलेगी। इसे संभालकर रखें और पावती रसीद को प्रिंट कर लें।

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6. परिमार्जन आवेदन का स्टेटस कैसे चेक करें? (How to Track Status?)

आवेदन जमा करने के बाद अधिकारी इसके निपटारे में जुट जाते हैं। आप इसका स्टेटस निम्नलिखित तरीके से देख सकते हैं: 1. परिमार्जन पोर्टल या परिमार्जन प्लस पर लॉगिन करें। 2. "आवेदन की स्थिति देखें" (Track Application Status)विकल्प पर जाएं। 3. अपना मिला हुआ "कार्य संदर्भ संख्या" या "आवेदन आईडी" डालें और सर्च करें। 4. आपको दिखेगा कि आपकी फ़ाइल वर्तमान में राजस्व कर्मचारी, अंचल निरीक्षक (CI) या अंचल अधिकारी (CO) के पास है।

निष्कर्ष (Conclusion)

बिहार में भूमि विवादों को कम करने और जमीन की खरीद-बिक्री को सुरक्षित बनाने की दिशा में परिमार्जन एक ऐतिहासिक डिजिटल बदलाव है। अगर आपकी जमीन के रिकॉर्ड्स में भी कोई गड़बड़ी है, तो देर न करें। आज ही आवश्यक दस्तावेज जुटाकर परिमार्जन प्लस पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। यदि आपको सुधार की प्रक्रिया में कोई भी शंका है या आवेदन फॉर्म भरने में सहायता चाहिए, तो आप हमारे भूमि सुधार केंद्र के विशेषज्ञ सलाहकारों से तुरंत संपर्क कर सकते हैं।


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