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Mutation

Dakhil Kharij Kitne Din Me Hota Hai Bihar Me? (2026) | बिहार में दाखिल खारिज कितने दिनों में होता है?

लेखक: राजस्व विशेषज्ञ टीम | प्रकाशित: June 22, 2026 | पढ़ने का समय: 6 min read

बिहार में ज़मीन या मकान की खरीद-बिक्री के बाद सबसे महत्वपूर्ण कार्य होता है — दाखिल-खारिज (Mutation)कराना। जब तक आपकी ज़मीन का दाखिल-खारिज सरकारी दस्तावेजों में नहीं हो जाता, तब तक सरकारी रिकॉर्ड्स में पुराने मालिक का नाम ही दर्ज रहता है और आपको मालिकाना हक का पूर्ण कानूनी अधिकार नहीं मिलता।

अक्सर खरीदारों के मन में एक आम सवाल होता है: Dakhil Kharij Kitne Din Me Hota Hai Bihar Me? (बिहार में दाखिल खारिज कितने दिनों में कितने दिन लगते हैं?)

वर्ष 2026 में बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने दाखिल-खारिज की प्रक्रिया को बेहद पारदर्शी बनाने के लिए कड़े नियमों के साथ "First In, First Out" (FIFO)नियमों को सख्ती से लागू किया है। इस लेख में हम इसी नई नियमावली के आधार पर दाखिल खारिज की समय-सीमा, आवेदन खारिज होने के उपाय और देरी होने पर अपील की पूरी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी साझा कर रहे हैं।

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1. सरकारी नियमानुसार दाखिल-खारिज की आधिकारिक समय-सीमा (Official Time Limits)

बिहार लोक सेवाओं के अधिकार (RTPS) अधिनियम के तहत राजस्व विभाग ने दाखिल-खारिज को समयबद्ध सेवा घोषित किया है। आवेदन के प्रकार के अनुसार निम्नलिखित समय-सीमा तय की गई है:

1. सहमति/सामान्य मामले (Uncontested Cases): - यदि दाखिल-खारिज आवेदन पर किसी भी पक्ष से कोई आपत्ति या विवाद (Dispute) दर्ज नहीं होता है और जमीन से संबंधित सभी दस्तावेज पूर्णतः सही पाए जाते हैं, तो नियमों के तहत अधिकतम 35 कार्य दिवस (Working Days)के भीतर दाखिल-खारिज स्वीकृत कर नया जमाबंदी नंबर जारी कर दिया जाता है। 2. विवादित / आपत्ति वाले मामले (Contested Cases): - यदि नोटिस जारी होने के बाद किसी व्यक्ति द्वारा अंचल कार्यालय में वैध प्रमाण के साथ लिखित में आपत्ति दर्ज कराई जाती है, तो ऐसे मामलों का निपटारा राजस्व अधिकारी को अधिकतम 75 कार्य दिवस (Working Days)के भीतर आमने-सामने की सुनवाई (Hearing) पूरी करके करना होता है।

⚠️ नोट: सामान्यतः, बिना किसी विवाद और सही दस्तावेजों वाले आवेदनों का निपटारा औसतन 18 से 25 दिनों में भी पूरा हो जाता है।

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2. दाखिल-खारिज की चरण-दर-चरण समयसारिणी (Step-by-Step Workflow and Timeline)

एक बार जब आप Bihar Bhumiपोर्टल पर ऑनलाइन दाखिल-खारिज का आवेदन दर्ज करते हैं, तो आपकी फाइल निम्नलिखित विभागीय अधिकारियों के चरणों से गुजरती है:

| चरण (Steps) | विभागीय अधिकारी (Officers involved) | क्या कार्य होता है? (Action performed) | अनुमानित समय (Estimated Days) | | :--- | :--- | :--- | :--- | | चरण 1| स्वचालित लॉगिन / पंजीकरण | आवेदन ऑनलाइन सर्वर पर दर्ज होकर अंचल निरीक्षक (CI) और कर्मचारी के पास ट्रांसफर होता है। | 1 से 2 दिन | | चरण 2| राजस्व कर्मचारी (Revenue Karamchari) | कर्मचारी मौजा के रजिस्टर-2 से मिलान करते हैं, रकबे और चौहद्दी की भौतिक जांच करते हैं तथा आम सूचना (Notice) और विशिष्ट आमंत्रण पत्र भेजते हैं। | 7 से 12 दिन | | चरण 3| अंचल निरीक्षक (Circle Inspector - CI) | कर्मचारी के प्रतिवेदन (Report) की समीक्षा करते हैं। यदि सब सही हो तो अपनी अनुशंसा अंचल अधिकारी (CO) को अग्रेषित करते हैं। | 5 से 7 दिन | | चरण 4| अंचल अधिकारी (Circle Officer - CO) | रिकॉर्ड्स और अनुसंशा की अंतिम जांच करते हैं। कोई आपत्ति न होने पर मुख्य संचिका को "Approved" (स्वीकृत) करते हैं। | 5 से 7 दिन | | चरण 5| शुद्धि पत्र (Correction Slip) | अंतिम स्वीकृति के बाद "शुद्धि पत्र" (Correction Slip) जारी होता है, जिसके उपरांत आपकी नई डिजिटल जमाबंदी सृजित हो जाती है। | 2 से 3 दिन |

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3. वर्ष 2026 में लागू नया FIFO और रैंडमाइजेशन सिस्टम क्या है?

बिहार सरकार ने अंचल कार्यालयों में होने वाली धांधली, भ्रष्टाचार और फाइलों को जानबूझकर दबाकर रखे जाने की शिकायतों को दूर करने के लिए दो नए तकनीक-आधारित नियम लागू किए हैं:

- First In, First Out (FIFO):अंचल अधिकारियों (CO) और कर्मचारियों के पास जो आवेदन पहले ऑनलाइन सबमिट हुआ है, उन्हें उसका निपटारा पहले ही करना होगा। वे अपनी मर्ज़ी से किसी नए आवेदन को पहले और पुराना आवेदन लंबित नहीं रख सकते। यदि वे ऐसा करते हैं, तो कंप्यूटर सिस्टम स्व-चलित रूप से उनके प्रदर्शन पर "रेड मार्क" (Red Mark) लगा देता है। - औचक समीक्षा:जिला मुख्यालय और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी अब रैंडम तरीके से उन फाइलों की कड़ाई से जांच कर रहे हैं जो अंचल कार्यालय में 35 दिनों से अधिक समय से बिना किसी ठोस आपत्ति के लंबित हैं।

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4. दाखिल-खारिज में देरी होने के 5 मुख्य कारण (Common Delay Reasons)

अक्सर 35 दिन बीतने के बाद भी दाखिल खारिज नहीं होने के पीछे निम्नलिखित वजहें होती हैं: 1. त्रुटिपूर्ण केवाला (Mismatched Registry:रजिस्ट्री कॉपी में खाता, खेसरा, मौजा, या पक्षकारों के नाम में स्पेलिंग की गलतियां होना। 2. जमाबंदी मिलन समस्या (No Active Jamabandi of Seller):जिस विक्रेता से आपने जमीन खरीदी है, कूरियर/ऑनलाइन रिकॉर्ड में उसका नाम जमाबंदी रजिस्टर-2 में अप-टू-डेट न होना। 3. चौहद्दी संबंधी आपत्ति (Boundary Disputes):आसपास के जमीन मालिकों (Neighboring owners) द्वारा नोटिस मिलने पर आपत्ति दर्ज करा देना। 4. भू-लगान बकाया (Due Taxes):विक्रेता की जमाबंदी पर पुराना लगान बकाया होना। (इसलिए रजिस्ट्री से पहले जांच लें कि जमीन पर लगान पूरी तरह चुकता हो)। 5. कर्मचारी लापरवाही:अंचल स्तर पर मैनपावर की कमी या जानबूझकर फाइल प्रक्रिया में शिथिलता बरतना।

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5. यदि दाखिल-खारिज में अत्यधिक देरी हो रही हो, तो क्या करें? (Delayed App Remourses)

यदि आपका आवेदन 45 दिन से अधिक समय से बिना किसी कारण के अंचल कार्यालय में लंबित है, तो आप नीचे दिए गए तरीकों से कार्रवाई कर सकते हैं:

- ऑनलाइन स्टेटस ट्रैक करें:सबसे पहले "biharbhumi.bihar.gov.in" पर "दाखिल-खारिज आवेदन की स्थिति देखें" विकल्प पर क्लिक करें। वहां "Case ID" दर्ज कर देखें कि फाइल किस स्तर (कर्मचारी, या सीआई, या सीओ) पर रुकी हुई है। - अंचल कार्यालय (Block) संपर्क:संबंधित कर्मचारी या अंचल निरीक्षक से मिलकर लंबित रहने की वास्तविक वजह पूछें। - DCLR कोर्ट में अपील:यदि समय सीमा समाप्त होने के बाद सीओ द्वारा आवेदन को दुर्भावनापूर्ण तरीके से टाल दिया गया है या खारिज (Reject) कर दिया गया है, तो आप 30 दिनों के भीतर भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) के न्यायालय में अपील याचिका दायर कर सकते हैं। - लोक शिकायत निवारण (PGMS App):आप बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के अंतर्गत अनुमंडल या जिला स्तर पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर त्वरित कार्रवाई करवा सकते हैं।

निष्कर्ष: पहले से रहें सावधान

बिहार में दाखिला-खारिज अब पूरी तरह ऑनलाइन और नियंत्रित है, फिर भी खरीदारों को रजिस्ट्री के तुरंत बाद दाखिल-खारिज के लिए ऑनलाइन आवेदन अवश्य कर देना चाहिए। दस्तावेजों को सहेजकर और सही तरीके से भरने पर आपका दाखिल-खारिज सरकारी नियम के अनुसार 35 दिनों के भीतरआसानी से हो जाएगा।

यदि आपको ऑनलाइन दाखिल-खारिज आवेदन करने में, रिजेक्शन के कारणों को समझने में या अपील दाखिल करने में कानूनी मदद की आवश्यकता है, तो बिहार भूमि सुधार केंद्र की विशेषज्ञ टीम से आज ही परामर्श प्राप्त करें! हमारी टीम आपकी भूमि समस्याओं के सुरक्षित निपटारे के लिए सदैव तैयार है।


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